Delhi Mumbai Expressway पर दर्दनाक हादसा: नौ घंटे कार में फंसे तड़पते रहे दंपत्ति, पत्नि को बाहों में लेकर दोनों ने तोड़ा दम

Delhi Mumbai Expressway Accident : दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर नूंह जिले के गांव नौसेरा के पास गुरुवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार वाहन ने पीछे से एक कार को जोरदार टक्कर मारी, जिससे कार आगे चल रहे दूसरे वाहन में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हादसा होने के बाद लगभग नौ घंटे तक दंपती कार के अंदर ही फंसे रहे और तड़पते रहे, लेकिन न तो कोई गश्ती वाहन मौके पर पहुंचा और न ही हाईवे पर लगी हाईटेक निगरानी प्रणाली ने अलर्ट किया। सुबह करीब 8 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को कार से बाहर निकाला।

हादसा कैसे हुआ? रात 12 बजे की टक्कर और नौ घंटे की लापरवाही

पुलिस के अनुसार दंपती अपनी कार से हिंडौन से दिल्ली जा रहे थे। रात करीब 12 बजे पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद कार आगे चल रही दूसरी गाड़ी से जा भिड़ी। वाहन चालक दूसरी गाड़ी को टक्कर मारकर मौके से फरार हो गया।

पुलिस का कहना है कि हादसे के बाद दोनों ने कार से बाहर निकलने की कोशिश की थी, मगर कार में फंस जाने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए। अनुमान है कि पति दम तोड़ने से पहले अपनी पत्नी के पास आने की कोशिश करते हुए उसकी बांहों में समा गया, और उसी स्थिति में दोनों की मौत हो गई।

सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल: हाईटेक एक्सप्रेसवे पर कैसे नहीं दिखे घायल?

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे को हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम, 24 घंटे CCTV निगरानी, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग यूनिट्स की वजह से सुरक्षित माना जाता है। लेकिन मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि

  • 9 घंटे तक किसी भी वाहन, पेट्रोलिंग टीम या CCTV ने दुर्घटना को नोटिस नहीं किया।

  • यदि समय पर मदद मिलती, तो दोनों की जान बच सकती थी।

हादसे में मृतक के पिता देवी सिंह ने कहा—
“मेरे बेटे और बहू की जान सिर्फ इसलिए गई क्योंकि किसी ने नौ घंटे तक उनकी सुध नहीं ली।”

कौन थे मृतक दंपती?

मृतकों की पहचान कोटापुरियान, हिंडौन राजस्थान निवासी 42 वर्षीय लच्छी राम और उनकी पत्नि 40 वर्षीय कुसुमलता के रुप में हुई है । लच्छी राम पिछले 10 साल से दिल्ली में टाइल-पत्थर की ठेकेदारी करते थे और परिवार के साथ बुद्ध विहार, दिल्ली में रहते थे। उनके चार बच्चे (2 लड़के, 2 लड़कियां) हैं।

हादसे से पहले की घटनाएं

  • 1 दिसंबर को दंपती किसी काम से हिंडौन आए थे।

  • 2 दिसंबर की शाम 7 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए।

  • रात में परिवार से बात हुई, उन्होंने कहा— “घर पहुंचकर बात करेंगे।”

  • रात 12 बजे हादसा हुआ।

  • परिवार रातभर कॉल करता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

  • सुबह 8 बजे पुलिसकर्मी ने कॉल उठाकर हादसे की जानकारी दी।


गुरुवार सुबह हुआ अंतिम संस्कार, परिवार में कोहराम

पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंपे गए। गुरुवार सुबह गांव में दंपती का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के मुताबिक चारों बच्चे लगातार रो रहे हैं और सदमे में हैं।


अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे

नूंह पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस एक्सप्रेसवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार आरोपी की पहचान की जा सके।


NHAI ने जांच के आदेश दिए, अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के महाप्रबंधक और परियोजना निदेशक प्रमोद कौशिक ने हादसे को गंभीर लापरवाही बताते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से जवाब-तलब किया गया है। एक्सप्रेसवे की देखरेख करने वाले PPC ठेकेदार और अथॉरिटी इंजीनियर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। CCTV और पेट्रोलिंग में खामी कैसे रह गई, इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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